Skip to main content

Posts

Showing posts from July, 2011

ब्लॉग की प्रथम वर्षगांठ

आज मेरा सफ़र एक सीढ़ी चढ़ गया , बहुत कुछ पाया यहाँ  रहकर मैंने  , कितना कुछ सीखा तो आज इस अवसर   पर  बस यही कहना चाहती हूँ - 
आज ब्लॉग आकाश में असंख्य तारों के बीच चाँद सा प्यार दिया मुझे  इस ब्लॉग परिवार ने | हर सुख दुःख में  साथ निभाया है और बहुत कुछ सिखाया है  इस ब्लॉग परिवार ने |
एक साल गुजर गया  पर यूँ लगता है जैसे  सदियाँ बीत गयी हो  आप सब का साथ पाकर |
लगते हैं यहाँ सब अपने  नही यहाँ गैर कोई बहुत सा प्यार दिया  इस ब्लॉग परिवार ने |
गलतियाँ जब हुई  उचित मार्गदर्शन कर  सही राह दिखाई   इस ब्लॉग परिवार ने| जफ़र पथ पर चलकर मैं अब साथ चाहती हूँ  हरदम आशीर्वाद चाहती हूँ   इस ब्लॉग परिवार से |
छोटो का स्नेह मिले   बड़ों का आशीष बस इतना अधिकार चाहती हूँ  इस ब्लॉग  परिवार से |
- दीप्ति शर्मा






नदी

कलकल करती सब कुछ सहती, कभी किसी से कुछ ना कहती , अनजानी राहों में मुड़ती बहती , चलती रहती नदियाँ की धार|

लटरें भवरें सब हैं सुनते , साथ में चलती मंद बयार ,कौतूहल में सागर से मिलती पर , चलती रहती नदियाँ की धार |

जुदा हो गयी हिम से देखो , तट से लिपट बहा है करती, सुनकर वो मस्त बहार,

फूल पत्तियाँ जलज औ पाथर, पथ में आए बार बार , अपने मन से हँसती गाती, चलती रहती नदियाँ की धार |  दीप्ति शर्मा